सुल्तानपुर, जनवरी 23 -- सुलतानपुर, संवाददाता। जिले में लगातार निजी अस्पतालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सभी निजी अस्पतालों के लाइसेंस एमबीबीएस व अन्य विशेषज्ञों की डिग्री पर दिए जा रहे हैं। लेकिन जिन एमबीबीएस व विशेषज्ञों की डिग्री लगाकर निजी अस्पतालों के लाइसेंस दिए जा रहे हैं वह मरीजों के इलाज के समय खोजे नहीं मिल रहे हैं। विशेषज्ञों की जगह अधिकांश निजी अस्पतालों में बिहार व कोलकाता से आयुर्वेद व यूनानी की डिग्री घर बैठे हासिल कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। काफी संख्या में लोग क्लीनिक में ही अस्पताल चला रहे हैं, जिन्होंने कोई लाइसेंस ही नहीं लिया है। जिम्मेदार भी ऐसे निजी अस्पतालों में मरीजों के जिंदगियों से हो रहे खेल पर मूकदर्शक बने हुए हैं। जनपद मुख्यालय पर लखनऊ-वाराणसी हाईवे स्थित अमहट सीएमओ कार्यालय के अभिलेखों में 125 निजी अस्पत...