समस्तीपुर, जनवरी 8 -- समस्तीपुर। जिले में गहराता जल संकट अब केवल पेयजल की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह जिले की परंपरागत अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना व रोजगार के स्रोतों को भी प्रभावित कर रहा है। जिले के जमुआरी, कमला, नून व वाया नदी में सालों भर पानी से रोजगार के श्रोत बने हुए थे, जो धीरे धीरे अब खत्म हो चुकी है। जिले के पटोरी, मोहिउद्दीननगर एवं विद्यापतिनगर प्रखंडों से गुजरने वाली गंगा की सहायक नदी वाया का पूर्ण वजूद था तब जिले के लगभग 50 किमी की लंबाई में नदी के दोनों और बसने वाले गांव के मछुआरे को मछली मारने के लिए पानी उपलब्ध हो जाता था परंतु स्थिति ऐसी हो गई कि अब अन्य प्रदेश से मछली लाकर जीवोपार्जन कर रहे है। बाढ़ के दिनों में तो नदी में पानी नजर आ जाता है परंतु बाद में नदी में पानी नजर नहीं आता है। हसनपुर सूरत के रामजपीत सहनी, मु...
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