सहरसा, फरवरी 1 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में धान खरीद में एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) बड़ीं बाधा बाधा बनी हुई है। इसबार जिले में सभी सभी मिलर को उसना चावल की अधिप्राप्ति की जानी हैं और उसना चावल मे नियमानुसार एफआरके मिलावट कर ही सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) ली जाती है। लेकिन जिले में एफआरके की कमी से मिलर द्वारा सीएमआर नहीं गिराया जा रहा है। सीएमआर नहीं गिरने से धान खरीदने के प्रति पैक्स अध्यक्ष और व्यापार मंडल उदासीन बने हुए हैं। हालांकि अब मिलर को कम मात्रा में एफआरके उपलब्ध कराया गया है। जिससे विभिन्न मिलर द्वारा सीएमआर गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जानकारी अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग 5 लाख 59 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 2 लाख 93 हजार अबतक धान की खरीद की गई जा चुकी है...