बलरामपुर, अप्रैल 16 -- जिले में लम्बे समय से एक अदद औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं है। यहां जिनकी तैनाती थी उनका स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया गया। कोई औषधि निरीक्षक न होने के कारण यहां का प्रभार गोंडा के डीआई को दिया गया। अब गोंडा के डीआई कभी कभार ही कोई विशेष मसला पड़ने पर यहां जांच करने आते हैं। क्योंकि उनके पास पहले से ही काफी काम होता है। लोगों का कहना है कि अगर अपने यहां स्थायी औषधि निरीक्षक की तैनाती हो जाए तो समय-समय पर अभियान चलाकर दवाओं का निरीक्षण किया जाए, जिससे मेडिकल स्टोरों पर धड़ल्ले से बिक रही प्रतिबंधित दवाओं पर शिकंजा कसा जा सके। यह भी पढ़ें- सीमा पर सख्ती होने पर भारतीय क्षेत्र में खपत करते थे प्रतिबंधित दवाएं फिलहाल जब तक जिले में औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं होती है तब तक दवाओं का कारोबार इसी तरह से चलता रहेगा। जब कोई बड...