कुशीनगर, अगस्त 1 -- कुशीनगर। जिले के एकमात्र जीवित 102 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. प्रहलाद प्रसाद प्रजापति ने अपने बड़े पुत्र पर पारिवारिक संपत्ति विवाद की आड़ में मानसिक उत्पीड़न करने और सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। डॉ. प्रजापति ने बताया कि उनके पूर्वजों ने अंग्रेजी शासन और जमींदारी शोषण के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने स्वयं वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया, जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। उनका कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित किया, लेकिन अब बड़े पुत्र और उनके परिवार के साथ चल रहे संपत्ति विवाद के कारण मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि...