मुजफ्फरपुर, मार्च 13 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले के 34 सरकारी स्कूलों पर प्राथमिकी होगी। इन स्कूलों ने लगभग सात करोड़ का हिसाब नहीं दिया है। नतीजतन विभाग ने यह निर्देश जारी किया है। किसी स्कूल पर 20 तो किसी पर 22 साल से बकाया है।शिक्षा कार्यालय में शुक्रवार को इन स्कूलों के हेडमास्टरों के साथ डीईओ ने इसकी समीक्षा की। इसमें स्कूल भ्रमण और बेंच डेस्क की राशि मद का मामला सबसे अधिक है। कई स्कूल ऐसे हैं, जिनके यहां 2002 से 2004 के बीच मिली राशि का हिसाब बकाया है। डीईओ ने कहा कि 2002 से 2004 और 2015 से 2017 के बीच का हिसाब सबसे अधिक बकाया है। वित्त विभाग ने इसपर नाराजगी जताई है और कहा है कि हिसाब नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।स्कूल प्रभारियों ने कहा-20 साल में बदल गए पांच प्रभारीसमीक्षा में आए विभिन्न स्कूल प्रभ...