मोतिहारी, अगस्त 8 -- मोतिहारी। हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्वी चम्पारण जिले में बाढ़ जब आती है तो तबाही की निशान छोड़ जाती है। बाढ़ आने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों की जिंदगी उजड़ने के साथ रोजी रोटी की आफत हो जाती है। बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित होते हैं। बाढ़ के समय हजारों परिवारों का घर पानी से घिर जाने पर उंचे स्थानों पर शरण लेने को विवश होना पड़ता है। तटबंधों पर बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी कटने लगती है। कई परिवारों को महीनों तक उंचे स्थानों पर घर गृहस्थी चलाने के बाद बाढ़ उतरने का इंतजार करना पड़ता है। जिससे उनकी जिंदगी को पटरी पर लौटने में महीनों लग जाते हैं। लेकिन प्राकृतिक आपदा की मार से आहत बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ के समय जलालत की जिंदगी झेलनी पड़ती है। जानमाल के नुकसान के साथ पशुओं के चारे का घोर संकट खड़ा हो जाता है। हालांकि वर...