खगडि़या, अप्रैल 29 -- खगड़िया । हिन्दुस्तान टीम उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महेशखूंट बस स्टैंड पिछले डेढ़ दशक से जर्जर और वीरान पड़ा है। कभी यहां बिजली, पानी, शौचालय एवं दो दर्जन से अधिक स्टॉल की सुविधा थी, मगर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया तो स्टैंड की हालत तबेले जैसी हो गई है। वर्षों से यहां वीरानी छाई हुई है। चौराहा पर वाहनों की भीड़ इलाके को अव्यवस्थित करती है। जबकि एक साल पहले तत्कालीन डीएम अमित कुमार पांडेय महेशखूंट के काजीचक में नई जमीन चिन्हित की थी। उस पर भी अब कोई ठोस काम नहीं हो सका है। उत्तर बिहार को जोड़ने वाला एनएच-107 एवं अगुवानी-महेशखूंट रोड के संगम स्थल एनएच 31 चौराहा के समीप बस स्टैंड कभी चमन हुआ करता था। यह भी पढ़ें- सड़क पर ठेला लगाने से पैदल चलना हुआ मुश्किल यह लोगों के लिए रोजगार का साधन भी था, लेकिन समय के साथ यहां की स्थि...