नवादा, फरवरी 26 -- नवादा। राजेश मंझवेकर शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले नवादा जिला मुख्यालय के दो सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आरएमडब्ल्यू कॉलेज और केएलएस कॉलेज के विद्यार्थी इन दिनों एक अलग तरह के सन्नाटे और असंतोष से गुजर रहे हैं। यह सन्नाटा कक्षाओं का नहीं, बल्कि छात्रों की उस आवाज का है, जो 2019 से चुनावी प्रक्रिया के अभाव में मौन हो गई है। जिले के इन प्रमुख कॉलेजों में पिछले आठ वर्षों से छात्र संघ का चुनाव नहीं कराया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। नवादा जिला मुख्यालय स्थित केएलएस कॉलेज समेत आरएमडब्ल्यू कॉलेज के अलावा हिसुआ के टीएस कॉलेज तथा वारिसलीगंज के एसएन सिन्हा कॉलेज की स्थिति भी समान ही है। समस्याएं सभी कॉलेजों में समान ही हैं, जबकि समाधान सभी जगहों पर शून्य ही है। व्यवस्था बिखर जाने और संवाद का सेतु टूट जाने...