खगडि़या, मार्च 27 -- खगड़िया। निज प्रतिनिधि जिले के डिग्री कॉलेजों में बालिका हॉस्टल नहीं है। यहां तक कि शहर के एकमात्र महिला कॉलेज में भी हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल रही रही है। ऐसे में जिले के सुदूुर गांव से शहर आकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं को हॉस्टल में रहने की आस अधूरी है। जिले में स्थिति चार डिग्री कॉलेजों में उच्च शिक्षा हासिल करने वाली छात्राओं के लिए भी इन कॉलेजों में महिला हॉस्टल रहने के लिए उपलब्ध नहीं है। आलम यह है कि छात्राओं को मजबूरी में भाड़े के मकान लेकर रहना पड़ रहा है। यह विडंबना कहें या महिला हॉस्टल निर्माण के प्रति सरकार की उदासीनता कहें। कहीं हॉस्टल अधूरा पड़ा है तो कहीं महिला हॉस्टल की प्रस्तावित भूखंड अतिक्रमण का शिकार बना है। ऐसे में इस ओर ना तो स्थानीय प्रशासन साकारात्मक पहल कर रहा है और ना ही सरकार स्तर से इस ओर कई पहल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.