रायबरेली, जून 29 -- रायबरेली, संवाददाता। जिले के अधिकारियों ने भूमि हीन, कच्चे घर में रह रहे गरीब की आवाज नहीं सुनी तो उसने सीएम के चौखट पर दस्तक दी। पीएम आवास हो या फिर सीएम किसी में भी चयन न होने पर पीड़ित का धैर्य जबाब दे गया तो वह टूटी चप्पल पहन कर 90 किलोमीटर दूर सीएम के जनता दर्शन में पहुंचा और अपनी पीड़ा बतायी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर पीड़ित को आवास दिलाने का निर्देश दिया। यह हाल तब है जब एक साल से जनपद में पीएम ग्रामीण आवास का सर्वे चलाकर गरीबों को चयन किया गया है। इस गरीब की पीड़ा ने पूरी चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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