बहराइच, सितम्बर 21 -- बहराइच, संवाददाता। जिले में 3230 गर्भवती महिलाएं एनीमिया की चपेट में हैं। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान खून की कमी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की जांच और उपचार पर जोर दिया जा रहा है। उन्हें आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां देने के साथ खानपान को लेकर जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच कर हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार की निगरानी कर रहे हैं। गर्भावस्था के दौरान एनीमिया मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि एनीमिया का सीधा असर गर्भस्थ शिशु के विकास और प्रसव की सुरक्षा पर पड़ता है। यह भी पढ़ें- खामोश कमजोरी को हराने की मुहिम, एनीमिया मुक्त भारत अभियान से मजबूत हो रही म...