बुलंदशहर, जून 10 -- बुलंदशहर। गरीबों को निशुल्क और बेहतर इलाज देने के लिए शुरू की गई सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के सरकारी सीएचसी-पीएचसी पर एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है। जिले की 13 सीएचसी और 72 पीएचसी के पैनल पर होने के बावजूद यहां इस योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। यहां स्टाफ की कमी के कारण योजना दम तोड़ रही हैं। सरकारी से ज्यादा निजी अस्पताल इस योजना के तहत इलाज करने में आगे हैं। इसकी लखनऊ स्तर से सीधे समीक्षा शुरू हो गई है। 500 करोड़ का भुगतान, पर सरकारी का हिस्सा नाममात्र

आंकड़ों पर गौर करें आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के विभिन्न अस्पतालों में अब तक आयुष्मान योजना के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक के इलाज का भुगतान किया जा चुका है। बजट का यह हिस्सा सीधे निजी अस्पतालों को जा रहा है, क्योंकि स...