खगडि़या, जुलाई 7 -- परबत्ता । एक प्रतिनिधि प्रखंड के सौढ़ दक्षिणी पंचायत अंतर्गत भरतखंड गांव में स्थित ऐतिहासिक मुगलकालीन किलेनुमा महल 52 कोठरी और 53 द्वार का मंगलवार को कला एवं कला संस्कृति विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि उपेक्षा के कारण धीरे-धीरे यह खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। सदियों पुरानी यह ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण के अभाव में अपनी पहचान खोने के कगार पर है। हालांकि हाल ही में कला एवं संस्कृति विभाग की टीम के निरीक्षण से इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की उम्मीद एक बार फिर जगी है। पांच बीघा, पांच कट्ठा, पांच धूर क्षेत्रफल में फैले इस विशाल महल का निर्माण 17वीं शताब्दी में मध्य प्रदेश के सोलंकी वंश के राजा बैरम सिंह ने कराया था। यह भी पढ़ें- जिले की सांस्कृतिक धरोहर 52 कोठरी, 53 द्वार का टीम ने किया स्थल निर...