सीवान, जून 26 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। नगर परिषद क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक वार्डों में करीब दस हजार लोग मलिन बस्तियां व झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों का कहना है कि समस्या एक नहीं अनेक है, लेकिन इनका निदान स्थायी तौर पर नहीं होता, सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। इधर, बताया जा रहा कि नगर परिषद ने अतीत में एसपीयूआर जैसे शहरी सुधार कार्यक्रमों के तहत मलिन बस्तियों का भौगोलिक व सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कराया है। यह भी पढ़ें- महाराजगंज: मलिन बस्तियों के सर्वे व विकास की राह अधूरीमलिन बस्तियों की जनसंख्या सर्वेक्षण के अनुसार शहर में करीब 28,453 की स्लम आबादी का लगभग 21 प्रतिशत मौजूद है। इन मलिन बस्तियों में रहने वाले महिला-पुरुष, बड़े-बुजुर्ग व बच्चों का जीवन मुश्किलों से भरा होता है। इन बस्तियों में रहने...