सीतामढ़ी, मई 29 -- शिवहर। ग्रामीण क्षेत्रों को मुकदमा-मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र स्थापित किए जाएगें। जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज दीपक कुमार के मार्गदर्शन में सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र को धरातल पर उतारने की चल रही इस पहल का मकसद छोटे-मोटे विवादों को कोर्ट पहुंचने से पहले ही गांव में आपसी सहमति से 30 दिन के भीतर सुलझाना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश ललन कुमार रजक ने बताया कि प्रत्येक केंद्र में गांव के ही तीन प्रतिष्ठित और निष्पक्ष लोगों का 'सामुदायिक मध्यस्थता पैनल' बनाया जाएगा। यह पैनल पारिवारिक मतभेद और पति-पत्नी के छोटे झगड़े, जमीन की सीमा व नाली-पानी को लेकर पड...