मुजफ्फर नगर, सितम्बर 16 -- मुजफ्फरनगर जिला सहकारी बैंक मुजफ्फरनगर की प्रबंध समिति के गठन को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट प्रयागराज ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (बी पैक्स) से बैंक के प्रतिनिधि निर्वाचित हुए थे, उनके वैधानिक विभाजन के बाद पुराने प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया। ऐसे में वे बैंक की प्रबंध समिति के सदस्य के रूप में बने रहने के पात्र नहीं हैं। कोर्ट ने रिट याचिका स्वीकार करते हुए उत्तरदाता संख्या छह से आठ को प्रबंध समिति में बने रहने के अयोग्य माना है। उत्तरदाता संख्या छह रामनाथ सिंह थे, जो जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद पर निर्वाचित हुए थे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला और न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर की पीठ ने रिट...