हाथरस, नवम्बर 17 -- उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वृद्धाआश्रम, नगला भूस, हाथरस में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव, प्रशान्त कुमार द्वारा उपस्थित जनमानस को जानकारी देते हुए बताया कि ''माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007'' एक भारतीय कानून है जो वृद्ध व्यक्तियों के कल्याण को सुनिश्चित करता है। जिसमें यह उनके बच्चों और रिश्तेदारों पर उनका भरण-पोषण करने की कानूनी जिम्मेदारी डालता है। यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों को उनकी बुनियादी जरूरतों के लिए मासिक भत्ते का दावा करने का अधिकार देता है और उन्हें संपत्ति के दुरुपयोग से बचाता है। इसके अतिरिक्त, यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों के परित्याग को एक अपराध मानता है और राज्य सरकारों को वृद्धाश्रम ...
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