उरई, मार्च 13 -- उरई। जिला महिला अस्पताल की ओपीडी प्राइवेट दवा एजेंट धड़ल्ले से चला रहे हैं। गायनी के डॉक्टर के चेंबर में बैठे दवा एजेंट महिला मरीज और गर्भवती के पर्चे पर बाहर की दवा को लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं। सीसीटीवी की निगरानी के बावजूद भी अस्पताल प्रशासन की हीला हवाली से गर्भवती और महिला मरीज लुटने को मजबूर हैं। शासन प्रशासन की स्पष्ट मंशा है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों को समस्त सुविधाओ के साथ अच्छा इलाज मिले। इसके अलावा महिलाओं और गर्भवती के लिए जननी सुरक्षा योजना समेत तमाम शासन की सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। सरकार की स्पष्ट मंशा है कि गर्भवती और महिला मरीजों को सरकारी पर्चे पर सभी सुविधाओं के साथ मुफ्त इलाज मुहैया हो सके। लेकिन जिला महिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से अस्पताल में दवा एजेंटों का जमावड़ा लग र...