भभुआ, मार्च 7 -- कैमूर जिले के आहर, पइन, पोखरा, तालाब के जीर्णोंद्धार होने से बरसात व पहाड़ का पानी होगा जमा, जलस्तर रहेगा बरकरार कैमूर जिले में 1153 पुराने जलश्रोतों पर लोगों ने किया था अतिक्रमण अबतक एक हजार जलश्रोतों को प्रशासन ने कराया है अतिक्रमणमुक्त नये वित्तीय वर्ष के शुरू में ही जलस्रोतों का प्रशासन शुरू कराएगा जीर्णोंद्धार (जगह मिलने पर) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कैमूर जिला धान के कटोरे के नाम से चर्चित है। कृषि को बढ़ावा देने एवं सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में शासन-प्रशासन हर स्तर पर काम कर रहा है। प्रशासन ने जिले में स्थित पुराने जलस्रोतों के जीर्णोद्धार का प्लान बनाया है, ताकि रबी व खरीफ फसल की सिंचाई के लिए किसानों के खेतों तक समय पर पानी पहुंच सके। जलस्रोतों के जीर्णोद्धार पर सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होंगे। जिला...