धनबाद, मई 9 -- धनबाद, संवाददाता। धनबाद जिला परिषद की 300 से अधिक दुकानें बीते एक दशक से खाली पड़ी हैं। दुकानों के उपयोग नहीं होने से परिषद को हर साल लाखों रुपए राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लंबे समय से बंद रहने के कारण कई दुकानों की स्थिति जर्जर हो रही है, जिससे उनकी उपयोगिता भी प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार जिला परिषद ने 2013 से 2016 के बीच कतरास, गोविंदपुर, राजगंज, गोमो और तोपचांची समेत कई इलाकों में मुख्य सड़कों के किनारे दुकानों का निर्माण कराया था।

दुकानों की नीलामी प्रक्रिया उद्देश्य था कि दुकानों के माध्यम से जिला परिषद को स्थायी आय का स्रोत मिले और स्थानीय लोगों को व्यवसाय के लिए जगह उपलब्ध हो सके। दुकान निर्माण के बाद जिला परिषद ने उनकी नीलामी प्रक्रिया शुरू की। पहली नीलामी में न्यूनतम बोली 50 हजार रुपए तय की गई थी।...