बुलंदशहर, अप्रैल 23 -- स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल गुरुवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में खुल गई। अहार क्षेत्र के एक 71 वर्षीय बुजुर्ग सांसों के लिए तड़पते रहे, लेकिन अस्पताल में उन्हें न तो समय पर ऑक्सीजन मिली और न ही संवेदनशीलता। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में एक के बाद एक चार ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए गए, लेकिन चारों खाली निकले। करीब डेढ़ घंटे के लंबे इंतजार के बाद एंबुलेंस मिलने पर मरीज को दिल्ली रेफर किया जा सका। अहार क्षेत्र के गांव पोटा बादशाहपुर निवासी सुरेश चंद ने बताया कि उनके पिता सुखपाल (71 वर्ष) गांव के राशन डीलर हैं। मंगलवार शाम सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सुधार न होने पर डॉक्टरों ने दिल्ली ले जाने की सलाह दी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बात की गई तो वहां से जवाब मिल...