बलिया, फरवरी 26 -- बलिया, संवाददाता। जिला अस्पताल में मुफ्त और सरकारी इलाज पाने की उम्मीद में पहुंचने वाले निराश्रित मरीजों को कई बार निराशा हाथ लगती है। इसका उदाहरण बुधवार को देखने को मिला। करीब एक घंटे से अस्पताल परिसर में तड़प रही महिला को डॉक्टर तक पहुंचाने के लिए न तो वार्ड ब्वाय मिला और न ही स्ट्रेचर। अंत में अस्पताल में आए तीमारदारों और अन्य कर्मचारियों ने गोद में उठाकर महिला को इमरजेंसी पहुंचाया। वहां महिला के साथ आई बेटी और आशा बहू के हंगामा करने पर भर्ती किया गया। हालांकि इलाज में हुई देरी से महिला की हालत और बिगड़ गई। डाक्टरों से उसे रेफर करके अपना पल्ला झाड़ लिया। बांसडीह क्षेत्र के सुरहिया निवासी 70 वर्षीय कलावती पिछले कुछ महीनों से अपनी बेटी उर्मिला की ससुराल सिकंदरपुर के महसोपुर में रहती हैं। बताया जाता है कि बुधवार की सुबह...