शामली, अप्रैल 14 -- जिला अस्पताल में बीते दिन एक गर्भवती महिला की अस्पताल गेट के बाहर सड़क पर डिलीवरी होने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद जहां एक ओर सीएमओ कार्यालय पर भारतीय किसान युनियन का हंगामें के बाद एक नर्स स्टाफ को सीएमओ कार्यालय पर अटेच कर दिया गया है। वहीं अब सोमवार को प्रसूति विभाग के स्टाफ में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बीते गुरूवार रात करीब 8 बजे जनपद बागपत के आसारा गांव निवासी कौसर पत्नी उसमान प्रसव पीड़ा के चलते जिला अस्पताल शामली पहुंची थी। आरोप है कि प्रसूति विभाग की स्टाफ नर्स मोनिका ने महिला की स्थिति को देखे बिना ही अभी डिलीवरी न होने और ऑपरेशन से प्रसव होने की बात कहकर उसे वापस भेज दिया। जैसे ही परिजन महिला को अस्पताल गेट तक लेकर पहुंचे, प्रसव पीड़ा तेज हो गई और वह जमीन पर ही ल...