नई दिल्ली, अगस्त 28 -- देश में ऐसा कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश नहीं है जहां जजों की कमी नहीं है। बढ़ते मुकदमों के बोझ के बीच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 10 से 58 फीसदी से अधिक जजों के पद खाली हैं, जबकि देशभर में 23 फीसदी से अधिक जजों के पद खाली है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों से ये खुलासा हुआ है।

जजों की कमी की स्थिति कानून मंत्रालय के आंकड़ों मुताबिक देश में सबसे अधिक जजों की कमी कर्नाटक में है। यहां की जिला अदालतों में 58 फीसदी से अधिक जजों के पद खाली हैं। मंत्रालय के अनुसार कर्नाटक में कुल जजों की स्वीकृत क्षमता 2812 में से महज 1172 जज कार्यरत हैं, जबकि 1640 जजों के पद रिक्त हैं। हालांकि देशभर की जिला अदालतों में जजों के कुल स्वीकृत क्षमता 30868 में से 23558 जज कार्यरत हैं और 7310 पद यानी 23 फीसदी से अध...