नई दिल्ली, मार्च 31 -- Paternity Leave: संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में सोमवार को देश में पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार का दर्जा दिए जाने की मांग की गई। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने इसकी मांग करते हुए कहा कि बच्चों के लालन-पोषण की जिम्मेदारी सिर्फ मां की ही नहीं, बल्कि यह साझा दायित्व है। उच्च सदन में विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाते हुए आप सांसद ने कहा कि अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 15 दिनों के (पितृत्व) अवकाश का प्रावधान है लेकिन निजी क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के कुल कार्यबल का करीब 90 फीसदी यानी बडा हिस्सा निजी क्षेत्र में काम करता है। इसलिए उन्हें भी यह अधिकार मिलना चाहिए। चड्ढा ने कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कर्मियों को लंबा अवकाश मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत में भी सोच में बदल...