लखनऊ, नवम्बर 7 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना।उन्होंने कहा है कि भाजपा और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी 'कला और कलाकारों' के हमेशा खिलाफ रहते हैं, क्योंकि इन पुरातनपंथी-रूढ़िवादियों की ये संकरी मानसिकता होती है कि रचनात्मक लोग ही समाज में परिवर्तन की भूमि और भूमिका बनाते हैं। सकारात्मक कला सहृदयता को जन्म देती है और सहनशीलता को भी। इसीलिए कला के हर रूप को ये अपने एजेंडे के रास्ते में रोड़ा मानते हैं या फिर कला को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करके उसको नकारात्मक बना देना चाहते हैं।जिनके यह भी पढ़ें- 'जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना', भाजपा पर बरसे अखिलेश, बिस्मिल्लाह खान का घर गिराने का दावा आगे 'भारत रत्न' लगा हो उन...