जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत में क्यों रखा जाता है निर्जला व्रत? जानें इस परंपरा के पीछे की पूरी कहानी
नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- Jitiya Vrat 2026: जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत इस बार 3 अक्टूबर को रखा जाएगा। संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से महिलाएं यह व्रत रखती हैं। जितिया की सबसे खास बात यह है कि इसमें निर्जला उपवास किया जाता है। यानी व्रत के दौरान अन्न तो दूर, पानी भी नहीं पिया जाता। 2 अक्टूबर को नहाय-खाय होगा और 4 अक्टूबर को व्रत का पारण किया जाएगा।जितिया व्रत खासतौर पर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में काफी श्रद्धा से रखा जाता है। इस व्रत से जुड़ी कई परंपराएं हैं। भगवान जीमूतवाहन की पूजा और व्रत कथा इनमें सबसे प्रमुख मानी जाती है।जितिया में निर्जला व्रत क्यों? जितिया को कठिन व्रतों में गिना जाता है। मान्यता है कि संतान की लंबी उम्र और उसकी रक्षा की कामना से महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहकर व्रत करत...
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