बहराइच, सितम्बर 5 -- बहराइच, संवाददाता। एक बुजुर्ग अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। ब्लाक के अधिकारियों ने उनकी मौत का परवाना काट दिया। कागज आगे बढ़ा तो पेंशन और दूसरे लाभ रुक गए। बुजुर्ग साल भर से दौड़ रहे हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं है। नतीजे में डीएम कार्यालय पर वह खुद पहुंच गए और उन्होंने कहा लिख लिया जाए मैं जिंदा हूं। बुजुर्ग की पीड़ा से हर कोई हैरान है। दरअसल कल्याणकारी योजनाओं में पात्र लोगों के सत्यापन किस प्रकार मनमाने तरीके से हो रही है या घर बैठे रिपोर्ट बनाई जा रही है उसकी बानगी फखरपुर थाने के रोंदोपुर निवासी निवासी साधु (85) पुत्र परागी की है जो लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। डीएम कार्यालय पर पहुंचे साधू ने कहा कि वह जिंदा होने का क्या सबूत दें और किसे दें। कोई मानने को तैयार नरहीं है। पेंशन इस...
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