दरभंगा, सितम्बर 30 -- विजय कुमार ठाकुर,जाले। मस्सा गांव में सोमवार को जैसे ही तामिलनाडु से 22 वर्षीय केशव कुमार का शव पहुंचा, पूरे गांव में कोहराम मच गया। आंगन में चीख-पुकार और सन्नाटा एक साथ पसर गया। जो बेटा परिवार की गरीबी मिटाने के लिए परदेस गया था, वह ताबूत के अंदर कफन में लिपटा लौटा। केशव बबलू प्रसाद का बड़ा पुत्र था। दादा राजेंद्र प्रसाद पेशे से रिटायर्ड शिक्षक हैं, लेकिन शिक्षा का उजाला अगली पीढ़ियों तक सही से नहीं पहुंच सका। विरासत में मिली गरीबी ने पिता बबलू प्रसाद को मजदूर-सा बना दिया। इसी गरीबी के बीच केशव की मां का असामयिक निधन हो गया। यह भी पढ़ें- Katihar News: तमिलनाडु से मजदूर का शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम पिता ने दूसरी शादी कर ली। उससे भी एक लड़का है। कुल मिलाकर तीन भाइयों में सबसे बड़ा होने के नाते केशव के कंधे पर ज...