रांची, जुलाई 15 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने जाली दस्तावेजों के आधार पर 35,875 रुपये का आयकर रिफंड हासिल करने का प्रयास करने वाले ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के एक कर्मचारी की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत के फैसलों में हस्तक्षेप का कोई ठोस आधार नहीं है। साथ ही प्रार्थी को दो महीने में ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर शेष सजा काटने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने उसकी जमानत भी रद्द कर दी। जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने शशि भूषण प्रसाद भुइयां की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रार्थी ने जाली दस्तावेजों के आधार पर 35,875 रुपये के आयकर रिफंड का दावा किया था। इस संबंध में वह कोई संतोषजनक या वैध स्पष्ट...