वाराणसी, जुलाई 17 -- सारनाथ। जापान के 10 सदस्यीय दल ने गुरुवार को सारनाथ में पुरावशेषों का अवलोकन किया। उन्होंने भगवान बुद्ध और हिंदू देवी-देवताओं के पुरावशेषों की ऐतिहासिकता जानी। जापानी दल दोपहर में सवा तीन बजे पुरातात्विक उत्खनित स्थल पहुंचा। उन्होंने धर्मराजिक स्तूप के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी हासिल की। इसके अलावा अशोक की लाट, प्राचीन मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर और धम्मेख स्तूप का अवलोकन किया गया। दल में शामिल लोगों ने धम्मेख स्तूप की परिक्रमा की। पुरातात्विक संग्रहालय (म्यूजियम) में उन्होंने राष्ट्रीय चिह्न चार सिंह शीर्ष भी देखा। गैलरियों में बौद्ध और हिंदू प्रतिमाएं भी देखीं। इसके बाद जापानी दल गंगा आरती देखने रवाना हो गया।

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