रोहतक, जून 23 -- हरियाणा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी जीत है और मनमानी करने वाले अस्पतालों के लिए एक सबक। एक निजी अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद एक मरीज से इलाज के नाम पर 7.25 लाख रुपये वसूल लिए। इलाज के बाद मरीज की मौत हो गई। इसके बाद जब विधवा पत्नी ने न्याय के लिए आवाज उठाई, तो उपभोक्ता अदालत ने अस्पताल को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने अस्पताल को 5 लाख रुपये रिफंड करने के साथ-साथ मुआवजा और अदालती खर्च भरने का आदेश दिया है।क्या है पूरा मामला? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के पति को 12 जून 2024 को पेट दर्द और सांस लेने में भारी तकलीफ हुई थी। शुरुआत में उन्हें भिवानी ले जाया गया और फिर 13 जून को रोहतक के पॉजिट्रॉन अस्पताल में भर्ती कराया गया। मरीज और उसकी पत्नी आयु...