आजमगढ़, मई 10 -- आजमगढ़ संवाददाता। जिले के करीब 310 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है। इन विद्यालयों का परिसर खुला होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा खतरा बना हुआ है। स्कूल के समय के दौरान आवारा पशुओं की आवाजाही, बाहरी लोगों का प्रवेश और असामाजिक तत्वों के आने-जाने से शिक्षकों के साथ अभिभावक भी परेशान रहते हैं।

चहारदीवारी निर्माण की आवश्यकता जिले में 2706 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 310 ऐसे स्कूल हैं जहां पर आज तक चहारदीवारी नहीं बन पाई है। जबकि सभी स्कूलों का कायाकल्प योजना के तहत कान्वेंट स्कूलों की तरह सुसज्जित किया जा रहा है। चहारदीवारी न होने से स्कूलों में आवारा पशु आ जाते हैं, जिससे गंदगी फैलती है और बच्चों के लिए खतरा पैदा होता है। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने कई बार विभागीय अधिका...