जयपुर, जनवरी 30 -- राजस्थान हाईकोर्ट ने जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर एक अहम टिप्पणी करते हुए जोधपुर के एक व्यक्ति को सुरक्षा दिए जाने पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी नागरिक के जीवन को खतरा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। यह आदेश न्यायमूर्ति फरजंद अली ने जोधपुर निवासी 50 साल बाबूलाल द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उसे कम से कम 14 लोगों से जान का खतरा है और आशंका जताई कि कभी भी उसके साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है। बाबूलाल ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन जब उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली तो उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 ...