लखनऊ, दिसम्बर 19 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। लकड़ी हटाने के विवाद में चचेरे भांजों और भांजी पर लाठी डंडे और फरसे से जानलेवा हमला करने के आरोपी ननकऊ और शत्रोहन को दोषी ठहराते हुए एडीजे मधु डोगरा ने सात-सात साल की क़ैद और दस-दस हज़ार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से अदालत को बताया गया कि घटना की रिपोर्ट वादिनी नीलू ने गोसाईंगंज थाने में एक नवंबर 2009 को दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि सुबह नीलू के भाई कैलाश और उमेश और छोटी बहन विमला आबादी की अपनी ज़मीन से लकड़ी हटा रहे थे तभी उसके चचेरे मामा शत्रोहन और ननकऊ लाठी डंडा, फरसा लेकर आए और लकड़ी हटाने का विरोध करते हुए गालियां देनी शुरू कर दी। बताया गया है कि नीलू के भाइयों और बहन ने विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने हमला कर दिया और नीलू के भाइयों और बहन को बुरी तरह से मारापीटा। श...
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