नई दिल्ली, अगस्त 27 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत जिला अदालत ने वर्ष 2005 में जानलेवा हमले के मामले में करीब 21 साल बाद आरोपी नरेंद्र सिंह को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। अतिरिक्त सिविल जज स्वयं सिद्ध त्रिपाठी की अदालत ने माना कि मामले में घायल शिकायतकर्ता ने अदालत में आरोपी की पहचान नहीं की, न कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी पेश किया गया और न ही ऐसे ठोस साक्ष्य सामने जो आरोपी के अपराध को साबित कर सकें। अभियोजन के अनुसार चार अक्तूबर 2005 को मंगला पुरी बस टर्मिनल के पास पंचर बना रहे अनुराग पांडेय पर राम कुमार, उसके पुत्र निरंजन और नरेंद्र उर्फ काले ने लोहे की रॉड व अन्य हथियारों से हमला किया था। हमले में अनुराग को गंभीर चोटें आई थीं। इस संबंध में डाबड़ी थान...