नई दिल्ली, फरवरी 6 -- मेघालय में एक अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में अठारह मजदूरों की मौत हो गई, एक गंभीर रूप से जख्मी मजदूर अस्पताल में भर्ती है और अंदेशा है कि कुछ अन्य मजदूर अभी भी खदान में फंसे हों। यह 'रैट होल' खदान है, जिसमें इतनी संकरी सुरंगें बनाकर खनन किया जाता है, जिनसे मजदूर रेंगकर ही घुस या निकल सकते हैं। ये खदानें पर्यावरण के लिए भी बहुत घातक हैं। इनकी असुरक्षित व अमानवीय परिस्थिति की वजह से ही सुप्रीम कोर्ट और ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इनको प्रतिबंधित किया हुआ है, लेकिन पूर्वोत्तर भारत में ऐसी खदानें धड़ल्ले से चल रही हैं। अनुमान है कि सिर्फ मेघालय में लगभग 25,000 ऐसी गैर-कानूनी खदानें चल रही हैं। जाहिर है, इतने बडे पैमाने पर यह अवैध काम बिना प्रशासनिक मिलीभगत और भ्रष्टाचार के संभव नहीं है। इसके पहले मेघालय में ही 2018 में बड़ी...
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