फतेहपुर, जनवरी 21 -- फतेहपुर। गाड़ियों की लंबी कतारें, लगातार बजते सायरन, ट्रैफिक पुलिस की सीटी, एंबुलेंस से आती आवाजें...साइड दीजिए निकलना है..अरे जल्दी हटिए मरीज है, लेकिन स्थित वही रेंगते वाहन। यह नजारा किसी फिल्म का सीन नहीं। शहर की सड़कों पर हर दिन लगने वाले जाम की आंखों देखी है। हमीरपुर में जाम में पांच घंटे तक फंसी रही एंबुलेंस में गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला नया नहीं है। दोआबा में भी जाम के चलते एंबुलेंस के समय से न पहुंचने पर एक घायल की बीच रास्ते मौत हो चुकी है। यही कारण है कि लोग अब कहने लगे हैं कि जाम सिर्फ रोजमर्रा के कामों में परेशानी नहीं बन रहा है बल्कि जानलेवा बन गया है। जाम के चलते मरीजों की सांसो की डोर टूट रही है। शहर में जब से 50 नंबर ओवरब्रिज की मरम्मत के कारण उस पर आवागमन नहीं हो रहा है। जाम की समस्या और विकराल हो ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.