लखनऊ, अप्रैल 24 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति 'रश्मिरथी' आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को तीन दिवसीय 'रश्मिरथी पर्व' के शुभारंभ एवं 'रश्मिरथी से संवाद' स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। यह भी पढ़ें- दिनकर की कविताएं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत: केशव बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं ...