वाराणसी, अगस्त 12 -- वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल में दोषी मुमताज और ठाकुर प्रसाद उर्फ हीरालाल को चार-चार साल की सजा सुनाई। दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सतेंद्र सिन्हा ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 24 जुलाई, 2008 को जमीन बेचने के सिलसिले में बातचीत के लिए बड़ागांव निवासी प्रेमचंद को बुलाया गया था। जीप में उनके ऊपर जमीन का बैनामा करने का दबाव बनाया गया था। उनके इनकार करने पर उन्हें हॉकी, लाठी-डंडे और लोहे की चेन से पीटा गया। उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह भी पढ़ें- जातिवाचक शब्दों के इस्तेमाल में चार-चार साल की सजा यह भी पढ़ें- मारपीट एवं दलित उत्पीड़न के मामले में चार को सजा

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