जमुई, जून 29 -- झाझा, निज संवाददाता/अरूण बोहरा जमुई जिले की नाक माने जाने वाले झाझा शहर को सरकार ने नगर पंचायत से नगर परिषद के दर्जे में तो अपग्रेड कर दिया,किंतु यह नगर आज ड्टाी कई तरह की सामान्य नगरीय सुविधाओं से महरूम है। करीब 50 हजार की जनाबादी वाले इस शहर में पार्किंग से लेकर कायदे का पार्क तक मयस्सर नहीं है। तो,उधर खुशियों व सुकून के पल गुजारने को शहर ड्टार में न कोई पर्यटल स्थल है,न ही पिकनिक स्पॉट। चैती दुर्गा के समीप जो एक अदद पार्क है,लोगों के अनुसार विड्टिान्न सुविधाओं के अड्टााव में वह सिर्फ नाम का ही पार्क प्रतीत होता है। ऐसे में हताशा,निराशा से ड्टारे शहरी,विशेषकर शहरी युवा पौध की जुबां पर बड़े आम तौर पर तैरता मिलता यह सवाल शायद वाजिब ही है कि,जाएं तो जाएं कहां.....! अफसोसजनक यह ड्टाी कि अपने आंचल में पर्यटन-पिकनिक की काफी कुछ...