सहरसा, मार्च 13 -- कहरा। विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत गुरुवार को अस्पताल परिसर में मरीजों को जागरूक किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि ग्लूकोमा की समय पर जांच ही बचाव का मुख्य तरीका है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से गई आंखों की रोशनी वापस नहीं आती, लेकिन समय रहते पहचान होने पर रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है। 40 वर्ष से अधिक उम्र, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को नियमित नेत्र जांच करानी चाहिए।

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