लखनऊ, सितम्बर 20 -- हार्ट की कमजोर मांसपेशी और ब्लॉकेज की सटीक पहचान से मरीज के इलाज का फैसला बेहतर तरीके से किया जा सकता है। न्यूक्लियर कार्डियक इमेजिंग से दिल में रक्त प्रवाह के साथ मांसपेशियों की जीवितता और उनकी कार्यक्षमता का भी पता चलता है। हार्ट अटैक के बाद वायबिलिटी इमेजिंग से यह तय करने में मदद मिलती है कि मरीज को बाईपास या स्टेंट की जरूरत है या नहीं। यह जानकारी संजय गांधी पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीके प्रधान ने दी। पीजीआई न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग का 37वां स्थापना दिवस समारोह मना। विभागाध्यक्ष डॉ. पीके प्रधान ने कहा कि मायोकार्डियल परफ्यूजन इमेजिंग (एमपीआई-स्पेक्ट) में तनाव और आराम दोनों स्थितियों में दिल में रक्त की आपूर्ति देखी जाती है। इससे यह पता चलता है कि दिल के किस हिस्से में रक्त प्रवाह कम है। कार्...