अलीगढ़, मई 11 -- n सर्विलांस के रडार पर लगे हैं परिजनों के मोबाइल नंबर n किसने दी अमर बाबू को डाकखाने के कार्य में हस्तक्षेप की छूट अतरौली, संवाददाता। स्थानीय डाक खाने में बाबूओं के साथ बैठकर काम करने वाले अमर बाबू शर्मा एजेंट भी नहीं है। परिवार की भाभी एजेंट थी, सब कुछ पता होने के बाद भी अमर बाबू शर्मा डाक खाने में अधिकारियों की तरह कार्य कर रहे थे। डाकखाने के अधिकारियों ने अमर बाबू शर्मा को इतनी छूट नहीं दी होती तो शायद लोगों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात न होता। हस्ताक्षर करने तक सीमित रहने वाली अमर बाबू की भाभी को पता ही नहीं था कि देवर डाक खाने के नाम पर क्या गुल खिला रहे हैं।
आम आदमी का करीब एक करोड़ रुपये लेकर फरार हुए अमर बाबू शर्मा आम आदमी का करीब एक करोड़ रुपये लेकर फरार हुए अमर बाबू शर्मा की करतुत की काली छाया डाकखाने के खातों प...
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