बद्री नौटियाल, मई 11 -- केदारनाथ यात्रा के लिए वर्ष 2013 की आपदा से पहले वाले रामबाड़ा-केदारनाथ पैदल मार्ग से कई यात्रियों की गहरी यादें जुड़ी हैं। 13 साल बाद जो यात्री केदारनाथ यात्रा पर आ रहे हैं वे गरुड़चट्टी और देवदर्शनी की एक झलक पाने को बेताब दिख रहे हैं। हालांकि आपदा के बाद बनाए गए लिंचौली मार्ग से ही गरुड़चट्टी का दृश्य देखकर यात्री संतोष कर रहे हैं। पुराने पैदल मार्ग पर गरुड़चट्टी एक विशेष स्थान है। यहां पर बाबा केदार की डोली रुकती थी। यहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने 3 महीने साधना की थी। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले हजारों यात्रियों में कई यात्री ऐसे हैं जो वर्ष 2010, वर्ष 2012 में केदारनाथ की यात्रा पर आए हैं। हालांकि बीच में वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ आने से ही लोग डरने लगे थे किंतु आपदा के 13 सालों के बाद आ रहे कई यात्री अपनी ...