नई दिल्ली, जून 6 -- सैटेलाइट इंटरनेट एक अलग टेक्नोलॉजी है। वर्तमान में इंटरनेट मोबाइल टॉवर या फिर ऑप्टिकल फाइबर के जरिए पहुंचाया जाता है लेकिन सैटेलाइट इंटरनेट में तार की कोई जरूरत नहीं होती है। इसमें आपका मोबाइल फोन सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट रहता है। यह सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किए जाते हैं। यह पृथ्वी से 160 से 2,000 किलोमीटर ऊपर स्थित होते हैं। इनका दायरा विस्तृत होता है। पेश हैं इससे जुड़े कुछ सवालों के जवाब- 2. कीमत और सेवा शुल्क क्या हो सकता है? फिलहाल, अन्य देशों में स्टारलिंक सेवा की शुरुआती कीमत महंगी है लेकिन भारत में एयरटेल और जियो के साथ साझेदारी से इस कीमत को कम करने और सस्ते प्लान लाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि आम आदमी भी इस सेवा का फायदा ले सकें। मीडिया खबरों के मुताबिक, स्पेसएक्स भारत में स्टारलिंक ...
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