नई दिल्ली, जुलाई 20 -- संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष समेत सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपील की। साथ ही परोक्ष रूप से विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि जहां तथ्य होते हैं, वहां हंगामे की जरूरत नहीं होती। हर आवाज को सुने जाने का अवसर मिलना चाहिए। यही संसद की भूमिका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि आपके तर्क और तथ्य मजबूत हैं तो आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं है। मजबूत तर्क और तथ्य शांत लेकिन प्रभावी तरीके से आवाज को अपनी बात रखने में सक्षम बनाते हैं। मोदी ने कहा कि मौसमी मानसून का सकारात्मक प्रभाव दिखना शुरू हो गया है और संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है। जब दोनों उत्पादक होते हैं तो वे देश और सभी जीवों के कल्याण में योगदान देते हैं। इसी उम्मीद के साथ प्रार्थना है कि मानसून सक्रिय रहे और संसद का मा...