जहाँ भीम ने की शिव आराधना, आज भी जीवंत है आस्था की गुप्तकाशी
लखनऊ, अगस्त 10 -- राजेश कुमार पाण्डेय, श्रावस्ती। हिमालय की तलहटी में एक घना, हराभरा जंगल है, जहां प्रकृति की शांति और आस्था की गूंज एक साथ महसूस होती है। यहीं श्रावस्ती जिले के सिरसिया विकास खंड में पांडवकालीन विभूति नाथ शिव मंदिर स्थित है, जिसे सनातन परंपरा और महाभारतकालीन इतिहास का जीवंत साक्ष्य माना जाता है। शिव भक्त इसे गुप्तकाशी के नाम से जानते हैं। लोक मान्यता है कि यहीं कुंती पुत्र भीम ने वनवास के अंतिम चरण में कठोर शिवाराधना कर एक शिवलिंग की स्थापना की थी। यहीं से पांडवों का वनवास समाप्त होकर अज्ञातवास आरंभ हुआ था, जिससे यह स्थान महाभारत की कथा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज है। वर्तमान में सावन का पवित्र महीना चल रहा है, जो विभूति नाथ मंदिर में वर्ष का सबसे विशेष समय माना जाता है। हर सोमवार यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषे...
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