मथुरा, फरवरी 19 -- ट्रेनों में जहर खुरानी करने वाले को एडीजे पंचम श्वेता वर्मा की अदालत ने तीन वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रागनी गांधी द्वारा की गई। गुजरात की निजी कंपनी में काम करने वाले कानपुर के ग्राम पतरसा थाना जगनेर निवासी सुशील कुमार पुत्र प्रेमशंकर कंपनी की लेवर के तीन लोगों के साथ कानपुर जाने के लिए 14 अप्रैल 1999 को मथुरा जंक्शन पहुंचे थे। जंक्शन के प्लेटफार्म से उन्हें कानपुर की ट्रेन में सवार होना था। प्लेटफार्म पर दो युवक उन्हें मिले, जिन्होंने उन्हें विश्वास में ले लिया। कानपुर की ट्रेन जब जंक्शन पर पहुंची, तो सभी लोग जनरल कोच में सवार हो गए। ट्रेन में सवार होने के बाद युवकों ने सभी...